बीसवें दिन की यात्रा प्राचीन हिन्दु मंदिर के दर्शन : 07.08.08

07.08.2008 श्रावण सुदी 6 गुरूवार


Photobucketसुबह 5.00 बजे नीद खुली, तबीयत ठीक लगा। नित्य क्रिया से निवृत हो तैयार होकर डायनिंग हाल आ गया। आज नाश्ते में ब्रेड एवं फल्लीदाना दिया गया, सभी यात्री नाश्ता एक साथ किए। सुबह 7.30 बजे बस द्वारा मानेस्टरी (Monestery) देखने Ngri रवाना हुए जो गेस्ट हाऊस से लगभग 20 कि.मी. दूर है। Ngri बस्ती में पहुंचने के बाद बस रूकी सभी यात्री वहां स्थित प्राचीन हिन्दु मंदिर गए वहां राम लक्ष्मण सीता के आदमकद मूर्ति स्थापित है। कतारबद्ध होकर सभी यात्री दर्शन किए घी का दीपक जलाए, मंदिर अत्यन्त प्राचीन है जिसके अंदर का हाॅल एवं गर्भ गृह में लकड़ी से कलाकृति उकेरी गई है। हिन्दु मंदिर के बाजू में ही गोम्फा है। जहां बुद्ध की आदमकद प्रतिमा स्थापित है सभी यात्री वहां भी दर्शन किये यहां भी लकड़ी में कलाकृति बने हुए देखे। दोनो स्थलों के दर्शन के उपरांत 11.00 बजे वापस गेस्ट हाऊस तकलाकोट आए। स्नान किया फिर दोपहर भोजन किया। आज लंच में सूप, सब्जी, चांवल खाया। इमीग्रेशन चेक हेतु सभी यात्री अपना पासपोर्ट जमा किए। लगभग 2.30 बजे मैं और श्री मस्करा जी बाजार गए।

फोन से घर बात किया एवं आठ नौ अन्य नजदीकी लोगों से बातकर यात्रा सम्पन्न होने की जानकारी दिया। बाजार से कुछ गरम कपड़े एवं अन्य सामान खरीदे यहां अधिकांश दुकानदार तिब्बती है प्रायः सभी दुकानों में तथा सभी सामानों में यहां मोलभाव बहुत होता है। दुकानदार चीनी युवान के साथ ही साथ भारतीय मुद्रा रूपये में अपना सामान बेच रहे थे। 5.00 बजे गेस्ट हाऊस वापस आकर सामान पैक किए। 5.30 बजे डिनर का बुलावा आया। डिनर में सूप, चांवल, सब्जी आलू का दिया गया। चावंल आलू खाया। रात को हमारा पासपोर्ट वापस दिया गया।

क्रमश: .....

डी.पी.तिवारी
रायपुर

1 comment:

  1. हम सुन रहे हैं। कथा जारी रखिए।
    वैसे अगर इसमें साथी लोगों के बीच हुई बातचीत, चुहल वगैरह डाल देते तो और रोचक हो जाती।

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