छठवें दिन की यात्रा - 24.07.2008

24.07.2008 श्रावण बदी 6 गुरूवार 
Photobucketगुंजी समुद्र सतह से 3220 मीटर की ऊचाई पर है। आगे की यात्रा में ऊचाई क्रमशः बढ़ती जाती है इसलिए में पुनः मेडिकल चेक-अप किया जाता है इसलिए यात्रीगण यहीं रूकते हैं। आराम से सोकर उठा चाय पीकर नित्य क्रिया से निवृत हो स्नान किया।  7.30 बजे नाश्ता के लिए बुलाया गया। आज नाश्ता में इडली दिया गया। 8.00 बजे आईटीबीपी कैम्प में यात्रा के बारे ब्रीफिंग एवं पुनः मेडिकल चेकअप के लिये बुलाया गया। सभी यात्री नाश्ता करने के बाद पास में ही स्थित आईटीबीपी कैम्प गये वहां टैण्ट के द्वारा बनाए गए हॉल में बैठने की व्यवस्था की गई थी। कुछ देर बाद आईटीबीपी के मेडिकल ऑफिसर एवं कमान्डेट हॉल में आए सभी से परिचय प्राप्त कर आगे के यात्रा में आने वाली कठिनाई, समस्या एवं उसके हल करने के उपाय बताए। विशेषकर ठण्ड से बचने के लिये पैर, हाथ, कान हमेशा ढ़ककर रखने के निर्देश दिए। जिन यात्रियों के द्वारा पोनी पोर्टर की सुविधाएं नही ली गई उनसे कहा गया कि दोनों नही तो कम से कम एक सुविधा अवश्य ही ले भले ही वे उसका उपयोग न करे किन्तु पोनी अथवा पोर्टर लेने पर वे गाईड एवं सहयोगी एवं दोनो के कार्य आएगें। यात्रियों को अकेले न चलकर समूह में चलने की सलाह दी गई हमारे दल में अहमदाबाद के यात्री श्री परेश भाई तथा जम्मू के सुश्री रूबी द्वारा बिना जूता-मोजा के यात्रा करने की जानकारी होने पर मेडिकल आफिसर द्वारा सुझाव दिया गया कि वे सावधानी के हिसाब से अवश्य ही ऐसा न करे, और जूता पहनकर ही यात्रा करें। फोटोग्राफी करते समय इस बात का ध्यान रखें कि सेना के कैम्प चाहे वो भारत के हो या चीन के हो फोटो न लेवे। तत्पश्चात सभी यात्रियों का वजन एवं ब्लड प्रेशर चेक किया गया, तथा दिल्ली में कराए गए मेडिकल चेकअप की रिपोर्ट देखी गयी।

Photobucketहमारे दल के 46 यात्रियों (33 पुरूष एवं 13 महिला) में से 41 को आगे की यात्रा की अनुमति तत्काल दी गयी। 5 यात्रियों के ब्लड प्रेशर अधिक निकलने पर शाम को पुनः मेडिकल चेकअप कराने हेतु कहा गया। मेडिकल चेकअप कराकर वापस कैम्प में आये। मौसम एकदम साफ होने व तेज धूप निकलने की वजह से कैम्प आकर सभी यात्री अपना लगेज खोलकर धूप में सामान एवं कपड़ों को सूखने डाल दिये। मैंने अपना लगेज खोलने पर पाया कि बारिश का पानी अंदर जाने से कुछ गीलापन हो गया है। मैंने भी अपना दोनो लगेज खोलकर धूप में पूरा फैला दिया। 1.30 बजे सभी यात्रियों के साथ मैंने भी भोजन ग्रहण किया। मेरे बाजू में अहमदाबाद के यात्री श्री मस्करा जी का भी बी.पी. अधिक होने पर उन्हें हम लोगो ने आराम करने के लिये कहा, भोजन उपरांत मैंने भी आराम किया।

Photobucketलगभग 2.30 बजे मुझे तबियत खराब होने का अंदेशा हुआ। बाथरूम गया और वही पर मुझे उल्टी हुई। वापस आकर धूप में फैलाये गये समान को पुनः पैक किया। तबियत खराब होने से पुनः कान बंद कर लेट गया। शाम को 5.00 बजे शेष 5 यात्रियों का पुनः मेडिकल चेकअप हुआ। सभी का ब्लड प्रेशर सामान्य होने से उन्हें भी आगे की यात्रा की अनुमति मिल गई। आज शाम तक केवल 6 यात्रियों के ही लगेज आये। शेष 6 यात्रियों का सामान आज भी नहीं पहुंचा। सेटेलाईट फोन की बैटरी ‘‘लो‘‘ होने से घर बात नहीं हो सकी। शाम 6.00 बजे आईटीबीपी कैम्प के मंदिर में भजन-कीर्तन का आयोजन था जिसमें मैं तबियत खराब होने की वजह से नही जा सका। 7.00 बजे जनरेटर चालू हुआ। 7.30 बजे डिनर का बुलावा हुआ। मैं भोजन करने नहीं गया। भोजन करके आने के बाद श्री मस्करा, श्री तनेजा, श्री विक्रम द्वारा मुझे भोजन करने हेतु जोर देने पर गया। डायनिंग हॉल जाकर केवल एक चम्मच खिचड़ी खायी। क्रोसिन दवाई लेकर फिर सो गया । रात्रि लगभग 10.30 बजे पसीना आने से नींद खुली व मैंने बुखार उतरा हुआ महसूस किया। टार्च लेकर बाहर बाथरूम गया। रात में बाहर घुप्प अंधेरा था, सूनसान वातावरण में तेज ठण्डी हवा चल रही थी। कुछ देर बाद पुनः आकर सो गया।

क्रमश: .....

डी.पी.तिवारी,
रायपुर

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