13.08.2008 श्रावण सुदी 12 बुधवार
सुबह 3.00 बजे जग गया, मेरे पहले श्री राजनारायणजी जग गए थे, उनके स्नान करने के बाद मैं भी स्नान किया एवं तैयार होकर नीचे काऊटंर के पास आया। रिमझिम पानी गिर रहा था। यात्रीगण तैयार होकर यही पर एकत्र हो रहे थें प्रातः 4.00 बजे हम सभी गेस्ट हाऊस के कर्मचारी को साथ में लेकर ‘‘जागेश्वर धाम‘‘ मंदिर की ओर गए इसी समय बिजली बंद हो गईं अंधेरे में ही हम लोग मंदिर की ओर बढ़ते गए, और थोड़ी देर में मंदिर के गेट में पहुंच गए, जनरेटर द्वारा मंदिर में प्रकाश व्यवस्था बहाल की गई थी। मंदिर के अन्दर गर्भ गृह में जाकर ‘‘भगवान शिव‘‘ का दर्शन किया। थोड़ी ही दूर में एक और मंदिर था वहां भी गया वहां मंदिर के बाहर लिखा हुआ था कि भारत में स्थित बारह ज्योतिलिंगों में से एक ज्योतिर्लिंग ‘‘नागेशं दारूकावन‘‘ यही है। अंदर जाकर दर्शन किया एवं जिज्ञासावश प्रतिप्रश्न किया कि ‘‘नागेशं दारूकावन अर्थात ‘‘नागेश्वर महादेव‘‘ तो द्वारका के पास स्थित है, तो पुजारियों द्वारा बताया गया कि इस स्थान को भी ‘‘नागेशं दारूकावने‘‘ कहते है। दर्शन उपरांत सभी यात्रीगण पुनः गेस्ट हाऊस आए और आगे की यात्रा हेतु बस मे सवार हो गए पानी तब भी लगातार गिरता रहा। आगे रास्ता में नाश्ता के लिए पुड़ी, सब्जी, गेस्ट हाऊस मेें ही तैयार कराकर पैकेट बनाकर बस में रखा गया एवं प्रातः 5.30 बजे ‘‘ओम नमः शिवाय‘‘ के उद्घोष के साथ हमारी बस दिल्ली के लिए रवाना हुई। लगभग 2.30 घंटे की यात्रा के बाद हम लोग प्रातः 8.00 बजे अल्मोड़ा पहुंचे, शहर के बाहर एक होटल के पास बस रूकी सभी यात्री इस होटल में जाकर बैठ गए। बस में साथ में लाए गए पुड़ी, सब्जी का नाश्ता किए एवं चाय होटल में ही बनवाकर पीए। मोबाईल रेंज में आने के वजह से घर बात किया तथा श्री एम.डी. दीवान जी से बात कर कैलाश मानसरोवर परिक्रमा सकुशल सम्पन्न होने के पश्चात दिल्ली वापसी होने की जानकारी दिया। सभी यात्री नाश्ता चाय करने के बाद अल्मोड़ा से रवाना हो गए और 11.30 बजे काठगोदाम पहंुचे। काठगोदाम में कुमाऊ मंडल विकास निगम द्वारा एयर कंडीशन्ड बस लगवाया गया था सभी यात्री वर्तमान बस को छोड़कर इस दूसरे बस में स्थान सुरक्षित किए एवं लगेज भी शिफ्ट किए पानी अचानक तेज गिरना प्रारंभ हो गया, लगेज को तालपत्री से ढ़कवाया गया। चूंकि यहां दोपहर भोजन की व्यवस्था मंडल के गेस्ट हाऊस में था इसलिए सभी यात्री गेस्ट हाऊस जाकर दोपहर का भोजन लिए। भोजन उपरांत गेस्ट हाऊस में स्थानीय पत्रकारगण आ गए उनके द्वारा कैलाश मानसरोवर यात्रा एवं यात्रा के प्रायोजक कुमाऊ मंडल विकास निगम के द्वारा की गई व्यवस्था तथा सुझाव के बारे में यात्रियों से फीड बैंक लिया गया। कैलाश मानसरोवर यात्रियों को विदेश मंत्रालय भारत सरकार द्वारा दिऐ जाने वाला प्रमाण पत्र भी यहीं सभी यात्रियों को प्रदाय किया गया। काठगोदाम में लगभग 2.00 घंटे रूकने के पश्चात दापेहर 1.30 बजे दिल्ली के लिए बस द्वारा रवाना हुए। मुरादाबाद के बाद दिल्ली रास्ते में पड़ने वाले एक ढ़ाबे के कैम्पस में 6.00 बजे बस रूकी। यात्रीगण उतर कर चहलकदमी किए और चाय पिए। 7.00 बजे हम लोग पुनः रवाना हुए। रास्ते से ही 9.00 बजे घर मोबाईल से बात कर जानकारी दिया कि दिल्ली थोड़ी देर में पहुंचने वाले है। रात को 10.00 बजे हम लोग दिल्ली पहंुचे ‘‘गुजराती समाज सदन‘‘ भवन के सामने ही सभी यात्रियों का तिलक लगाकर माला पहनाकर श्री उद्य कौशिक जी द्वारा स्वागत किया गया दिल्ली के यात्रीगणों को उनके घरवाले उन्हें लेने आए थें वे रात में ही घर चले गए शेष यात्रीगण अपना-अपना समान बस से उतारकर गुजराती समाज सदन में ले आए। इस भवन के ए.सी. डारमेट्री में ही हम यात्रियों की रूकने की व्यवस्था की गई हैं जहां हम लोग स्थान सुरक्षित कर सामान लाकर रूकते गए। कैलाश मानसरोवर यात्रा से वापस आए हम सभी यात्रियों को कैलाश मानसरोवर यात्री समिति दिल्ली सरकार के अध्यक्ष श्री उद्य कौशिक एवं उनके परिवार के द्वारा गुजराती समाज सदन के ही एक अन्य कक्ष में प्रेम व आग्रहपूर्वक भोजन करवाया गया। सभी यात्री उनके इस कार्य की सराहना किए एवं उन्हे साधूवाद दिए। यात्रा सफलता पूर्वक सम्पन्न कर पुनः दिल्ली लौट आने की खुशी में नींद देर से आई किन्तु गहरी नींद आई सभी निश्चिंतत हो कर सो गए।
डी.पी.तिवारी
रायपुर








अच्छा रहा वृतांत!!
ReplyDeleteWe must go again sir. And I will make you agree. Thank you for writing. Awesome!!! & Inspirational again... and again...
ReplyDeleteबहुत अच्छी यात्रा रही आपकी
ReplyDeleteजो कि बिना किसी बाधा के पूरी हुई
मानव के संकल्प में ईश्वर अवश्य ही सहाय होते है।
आपको बहुत-बहुत साधु्वाद
maine aapki yatra ka pura page padha,bahot achcha laga lekin ek baat puchna tha ki kailash parwat par shiv mandir nahi hai aur sirf kailash parwat ke hi darshan karna padta hai.
ReplyDeletekamal krte hai tiwari g itni bdi yatra, itna romanchak anubhaw, aur itna sundar ehsaas in sb baaton ka jaisa sajiv varnan aap ne kr diya hai, ye bina mahadev k kripa k sambhav hi nhi hai,... aap ne to jaise dimag me uthal puthal macha k rakh di hai. bahut bahut dhanywad...
ReplyDeletesachitra varanan aankho ke samne mansarovar ka drisya upastith kar diya .saal citran ke liye sadhuvad.
ReplyDeletegopal krishan bahuguna
sikar raj.
apne jis prakar se day by day bataye hai jaise kabhi-2 lag raha mai khud yatra kar raha hu lekin mujhe aesha soubhagy nahi hua hai
ReplyDeletetiwari ji-------- bahut badiya laga aapka mansarover yatra vritant padkar...........
ReplyDeleteyah jaroor bataiye ki isamane generally kitana kharch aata hai iak vayakti ko........
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meri mail id hai-- amit.swpnil@gmail.com
agar aap isame bata sake to meharbaani hogi...... thanks........
very good description by Shri Tiwari ji.This provides total guidance for pilrimage. Thanks a lot.
ReplyDeleteRajendra Jain
+918800922776
very good description by Shri Tiwari ji.This provides total guidance for pilrimage. Thanks a lot.
ReplyDeleteRajendra Jain
+918800922776
kya aap kailash par upar nahi gaye, mai kailash par sadhana karne ki soch raha hun sansar ke liye, kundlini mahashakti ko jagrat karne ki sadhna
ReplyDeletekya ye tapasviyo ki jagah rahi hai kya
ReplyDeletesir aap mujhe iske bare mai jyada jankari de
ReplyDeleteइस बर्ष मुझे भी यात्रा पर जाने का सवभाग्य मिला है आप की जानकारी मेरे लिए काफी मूल्यवान है आपको कोटि कोटि धय्नाबाद
ReplyDeleteइस साल मुझे भी यात्रा पर जाने का शोभाग्य प्राप्त हुआ है ,आप का अनुभव मेरे लिय अतुलनीय है ,,आपको कोटि कोटि धन्यबाद
ReplyDeleteha bhole naath aap mujhpe kripa karo mujhe bhi kailash maansarobar ke darshan kara do jai bhole ki aapka SANGAM GUPTA BADAUN (U P)INDIA MO NO 09758972001
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